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Benefits of Savings Account: इस अकाउंट का इस्तेमाल पैसे रखने और पैसों के लेन-देन (Money Transaction in Savings Account) के लिए तो होता ही है, लेकिन बहुत ही कम लोग जानते हैं कि सेविंग्स अकाउंट के और भी कई फायदे हैं।

सेविंग्स अकाउंट से एक शख्स डेबिट कार्ड (Debit Card), चेक और इंटरनेट बैंकिंग (Online Banking) के जरिए ट्रांजेक्शन (Transaction) कर सकता है। तमाम बैंकों के मोबाइल ऐप के जरिए भी सेंविग्स अकाउंट (Savings Account) का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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Benefits of Savings Account: लगभग हर किसी का सेविंग्स अकाउंट होता है। सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) आपका बैंक खाता होता है, जिसमें आप पैसे जमा कर के रखते हैं।

इस अकाउंट का इस्तेमाल पैसे रखने और पैसों के लेन-देन (Money Transaction in Savings Account) के लिए तो होता ही है, लेकिन कम ही लोग जाते हैं कि सेविंग्स अकाउंट के और भी कई फायदे हैं। आइए आपको बताते हैं सेविंग्स अकाउंट के बारे में 5 ऐसी बातें, जो हर किसी को पता होनी ही चाहिए

1- पैसे रखने और लेन-देन के आता है काम

सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) के बारे में ये वो बात है जिसे अधिकतर लोग जानते हैं। सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) में लोग अपने पैसे रखते हैं। इस अकाउंट में पैसे मंगाए भी जा सकते हैं और किसी को इस खाते से पैसे भेजे भी जा सकते हैं। सेविंग्स अकाउंट से किसी बिल का भुगतान भी किया जा सकता है। इस खाते में तमाम तरह की सरकारी सब्सिडी (Government Subsidy) भी आ सकती हैं और इससे तमाम तरह के भुगतानों के लिए स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन भी लगाया जा सकता है, ताकि ड्यू डेट पर अपने आप पैसे कट जाएं।

2- कई तरह से हो सकता है भुगतान के लिए इस्तेमाल

सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) से एक शख्स डेबिट कार्ड, चेक और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए ट्रांजेक्शन कर सकता है। तमाम बैंकों के मोबाइल ऐप के जरिए भी सेंविग्स अकाउंट का इस्तेमाल किया जा सकता है। आप अपने सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) पर कितनी ट्रांजेक्शन करते हैं, यानी कितने भुगतान करते हैं और कहां-कहां से कितने रुपये हासिल करते हैं, उनकी पूरी जानकारी आपको स्टेटमेंट के जरिए मिलती रहती है।

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3- न्यूनतम बैलेंस भी रखना होता है जरूरी

सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) भी अलग-अलग तरह के होते हैं और उसी आधार पर हर अकाउंट में कुछ न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है। हालांकि, कुछ सेविंग्स अकाउंट ऐसे भी होते हैं, जिनमें न्यूनतम बैलेंस रखने की बाध्यता नहीं होती है। जिन सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) में न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है, उसमें अगर न्यूनतम बैलेंस ना रखा जाए तो आपको कुछ जुर्माना देना पड़ता है।

4- सेविंग्स अकाउंट में रखे पैसों पर मिलता है ब्याज

सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) में आप जो पैसे रखते हैं, उस पर आपको ब्याज भी मिलता है। यह ब्याज तिमाही, छमाही और सालाना तौर पर दिया जाता है। अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग अवधि के लिए ब्याज भी अलग मिलता है। अभी ये 3-4 फीसदी के करीब है, जो अलग-अलग समय में बैंकों की तरफ से बदला जाता है। सेविंग्स अकाउंट में ब्याज कम मिलता है, इसलिए अगर आप अधिक दिन तक पैसे अपने खाते में रखना चाहते हैं, तो उसका फिक्स्ड डिपॉजिट करवा कर अधिक ब्याज पा सकते हैं।

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5- सेविंग्स अकाउंट पर मिला ब्याज होता है टैक्सेबल

सबसे अहम बात ये है कि सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगता है। इनकम टैक्स के नियमों के अनुसार अगर सेविंग्स अकाउंट से मिले ब्याज की रकम 10 हजार रुपये से अधिक होती है तो धारा 80टीटीए के तहत आपको उस पर टैक्स देना होगा। सीनियर सिटीजन के लिए ये सीमा 80टीटीबी के तहत 50 हजार रुपये की है। टैक्स कितना लगेगा, ये इस बात पर निर्भर करेगा कि आप किस टैक्स स्लैब में आते हैं।