River Gold

कई बार लोगों को सपना आता है और उन्हें दिखाई देता है कि वह मालामाल हो गए हैं। मालामाल होने की वजह एक साथ सोना मिलना है। सोना मिलते ही लोगों के दिन फिर जाते हैं और वह करोड़पति बन जाते हैं। पंरतु नींद खुलते ही उनके दोनों हाथ खाली होते हैं। मगर आज हम आपको ऐसी एक जगह की असली कहानी बताने जा रहे हैं, जहां नींद खुलने के बाद लोगों को सोना मिलता है। इस सोने को बेचकर वह लोग अपना जीवन यापन करते हैं। लोग सुबह उठते हैं और उस नदी पर पहुंच जाते हैं, जहां उन्हें सोना मिलता है। वहां से सोना लेकर वह लोग उसे बेचते हैं और फिर अपने घर वापिस आ जाते हैं।

दक्षिणी थाईलैंड में है गोल्डन माऊंटन

Golden River Gold

जी-हां यह कोई कहानी नहीं है, बल्कि हकीकत की खबर है। दरअसल ऐसा होता है दक्षिणी थाईलैंड में, जो मलेशिया से जुड़ा इलाका है। इस क्षेत्र को वहां रहने वाले लोग गोल्डन माऊंटन यानि कि सोने का झरना कहकर संबोधित करते हैं। बताया गया है कि इस इलाके में पहले सोने की खान होती थी और वहां खनन के द्वारा सोना निकालने का काम किया जाता था। पंरतु लॉकडाऊन की वजह से अब लोगों की आर्थिक स्थिति खराब होने लगी है। इसलिए लोग सुबह ही वहां पहुंच जाते हैं और वहां कीचड़ को छानकर सोना इकठठा करते हैं।

सोना छानकर लोग उसे बेचकर खर्च निकालते हैं

मीडिया रिपोर्टस एवं टीवी-9 भारतवर्ष के अनुसार कीचड़ में से सोना छानकर इकठठा करने के बाद लोग उसे बेचकर अपने दिन का खर्च निकालते हैं। हालांकि यह भी सच है कि सोने निकलने की मात्रा बहुत अधिक नहीं होती है। करीब 20 मिनट तक कीचड़ छानकर केवल इतना ही सोना निकलता है कि उससे किसी भी परिवार का एक दिन का खर्च आसानी से चल जाता है। स्थानीय मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में एक ऐसी महिला का जिक्र किया है, जोकि 20 मिनट तक कीचड़ छानने के बाद करीब 250 रुपए का सोना इकठठा कर लेती है। जिससे उसके परिवार का एक दिन का गुजारा आसानी से चल जाता है। इस काम से यह महिला बहुत खुश है और उसे ऐसा काम मिल गया है, जिससे वह अपने परिवार को खाना खिला पा रही है।

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कोरोना के चलते ढूंढते हैं सोना

बता दें कि इस इलाके में ना तो कोई होटल है और ना ही रिसॉर्ट या टूरिज्म पैलेस। इसलिए लोग वहां काफी संख्या

Subarnarekha River

में हर रोज सोना ढूंढने के लिए आते हैं और कीचड़ छानकर वहां से जितना हो सकता है सोना ले जाकर बेचते हैं। इससे उन्हें दिहाड़ी के हिसाब से इतना रूपया हासिल हो जाता है कि वह खुश होकर अपने घर का खर्च चला लेते हैं। हाल फिलहाल लॉकडाऊन व कोरोना की वजह से सोना ढूंढने के लिए जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई है।

भारत में भी है एक ऐसी नदी

बताया जाता है कि भारत में भी एक ऐसी ही जगह है, जहां स्वर्ण रेखा (Subarnarekha River) नाम की नदी से सोना (Gold River) निकलता है। यह जगह झारखंड (Jharkhand) के रत्नगर्भा में बताई गई है। नदी के आसपास रहने वाले लोग अपनी आजीविका के लिए स्वर्ण रेखा के भरोसे रह रहे हैं। बताया जाता है कि इस नदी का बहाव झारखंड से लेकर पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ इलाकों में भी होता है। बताया जाता है कि इस नदी में सोने के कण मिलते हैं, जिन्हें इकठठा कर लोग अपना जीवन यापन करने का सहारा बनाए हुए हैं।

One thought on “कोरोनाकाल में कीचड़ में मिल रहा है सोना, हर रोज लोग इकठठा कर जी रहे है मजे की जिदंगी”
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