UPI से जुडी मोदी गवर्नमेंट की ये बात नहीं जानते होंगे आप

UPI Modi

UPI: प्रायः जब आप विदेश जाते हैं तो आपको समझ आता है थोड़ी गुस्सा भी आती है कि आधुनिक विश्व मे भारतीयों का इनोवेशन शून्य के बराबर हैं। भारत में खोजी एक भी चीज ऐसी नहीं दिखती जो विश्व से बेहतर हो या जिसका विश्व इशतेमाल करता हो। हाँ यह जरूर है कि हम विदेश मे खोजी गई चीज की कॉपी जरूर बना लेते हैं।

पर पिछले कुछ वर्षों मे बड़ा बदलाव आया है। भारत का सबसे बड़ा इन्वेन्शन है upi। पूरे विश्व मे ऐसी टेक्नॉलजी नहीं दिखती। अमेरिका जैसे देशों मे भी यदि किसी के बैंक अकाउंट पैसा भेजना हो तो किसी के पास वेनमो होगा तो किसी के पास paypal तुरंत बैंक अकाउंट मे पैसा भेजना आसानी से संभव नहीं। और ऐसी टेक्नॉलजी कि अपनी दुकान के बाहर एक बार कोड चिपका दो, कोई भी अपने कैमरा से स्कैन कर अपने बैंक अकाउंट से पैसा भेज दे सीधे आपके बैंक अकाउंट मे एक सेकंड मे – अमेरिका मे भी अकल्पनीय है।

इसी का परिणाम है कि अमेरिका जैसे देशों मे यदि आप दुकान खोलते हैं तो आपको पहले मर्चन्ट अकाउंट खोलना होगा। फिर क्रेडिट कार्ड प्रोसेस करने वाली मशीन खरीदनी होगी। कस्टमर पेमेंट क्रेडिट कार्ड से करेंगे जिसका 3-5% कमीशन आपको क्रेडिट कार्ड कंपनी को देना होगा। बैंक एक सप्ताह पैसा रोक कर रखेगा और तब आपको 100 के 95 एक सप्ताह बाद मिलेंगे।

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भारत मे – आपके पास कोई भी बैंक अकाउंट है तो बस सीधे बार कोड लगाया और पेमेंट तुरंत हाथ के हाथ बैंक मे आनी चालू। इसी का परिणाम है कि बस दो तीन वर्षों मे ही चाय वाले से लेकर मूंगफली की दुकान तक, पान की दुकान, चाट के ठेले, सब्जी वाला ठेला सब जगह upi से पेमेंट एक्सेप्ट होने लगा है।

और यह खोज भारत सरकार की है तो रेसपेक्ट और बढ़ जाती है। यकीन मानिए यदि upi का कान्सेप्ट कोई प्राइवेट कंपनी लाई होती तो केवल इसी खोज से वह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों मे शुमार हो गई होती, अमेरिका से लेकर आस्ट्रेलिया तक सब upi यूज कर रहे होते।